शेष प्रश्न बांग्ला के उपन्यास सम्राट शरतचन्द्र चट्टोपाध्य्ााय की युगांतरकारी रचना है। यह स्त्राी-पुरुष संबंधांे का एक नया आयाम प्रस्तुत करती है, जिसमंे चुनने की आजादी को कंेद्रीय मूल्य्ा के रूप मंे स्थापित किया गया है। उपन्य्ाास की प्रमुख पात्रा है अनिंद्य संुदरी और प्रखर मेधा की धनी कमल, जो नैतिकता के परंपरागत प्रतिमानांे को ध्वस्त करते हुए प्रेम और विवाह का एक नया शास्त्रा रचती है। इस अत्यंत रोचक और पठनीय उपन्य्ाास मंे नारीवाद के ऐसे ठोस सूत्रा अंतर्निहित हंै जो आज भी उतने ही प्रासंगिक और मूल्य्ावान हंै जितने 1931 मंे थे जब यह पहली बार प्रकाशित हुआ था।
शेष प्रश्न बांग्ला के उपन्यास सम्राट शरतचन्द्र चट्टोपाध्य्ााय की युगांतरकारी रचना है। यह स्त्राी-पुरुष संबंधांे का एक नया आयाम प्रस्तुत करती है, जिसमंे चुनने की आजादी को कंेद्रीय मूल्य्ा के रूप मंे स्थापित किया गया है। उपन्य्ाास की प्रमुख पात्रा है अनिंद्य संुदरी और प्रखर मेधा की धनी कमल, जो नैति...